विश्व केडेट स्पर्धा :: ऐ दिल - है मुश्किल
29/10/2016 -विश्व शतरंज में भारत के बढ़ते प्रभाव पर दुनिया भर में लेख लिखे जा रहे है ,शीर्ष स्तर पर हमारे देश के खिलाड़ी नित नए आयाम स्थापित कर रहे है हरिकृष्णा , विदित ,अधिबन ,सेथुरमन,हरिका ,हम्पी ,अभिजीत और ऐसे अनगिनत सितारे पिछले एक दशक में विश्व यूथ जैसी स्पर्धाओ से निकल कर विश्व पटल पर छा गए है । अखिल भारतीय शतरंज संघ के द्वारा खड़ा किया गया देश में शतरंज का विकास क्रम दुनिया भर में सराहा गया है । पर इस बीच पहली बार आयोजित हुई विश्व केडेट स्पर्धा में भारत का प्रदर्शन उतना प्रभावशाली नहीं हो पा रहा था की दसवे राउंड में भारत के लिए एक बड़ा झटका लगा है भारत की पदक की उम्मीद नजर आ रहे बालक वर्ग में प्रग्गानंधा और निहाल इसी तरह बालिका वर्ग में मृदुल और दिव्या को आपस में मुक़ाबला खेलना होगा ऐसे में ड्रॉ जहां मेडल की उम्मीद धूमिल कर सकता है तो जीत -हार किसी एक को पदक की दौड़ से बाहर । खैर उम्मीद है अंत में भारत के खाते में पदक जरूर आएंगे पर तब तक तो यही कहना होगा .. ऐ दिल है मुश्किल ..