मेरा लक्ष्य सिर्फ ग्रांड मास्टर बनना नहीं है -आर्यन चोपड़ा
25/09/2016 -"मेरा लक्ष्य सिर्फ ग्रांड मास्टर बनना नहीं है उससे आगे भी जाना है " ऐसा कहना है मात्र 14 वर्ष की आयु वाले वर्तमान में विश्व के सबसे युवा ग्रांड मास्टर बने आर्यन चोपड़ा का वे सबसे कम उम्र में ग्रांड मास्टर बनने वाले भारत के दूसरे खिलाड़ी है . उन्होने सिर्फ 61 टूर्नामेंट खेलकर ही ग्रांड मास्टर की उपाधि पायी है यह बात उनकी उपलब्धि को बेहद ही खास बनाती है बेहद ही नम्र स्वभाव के आर्यन अपने माता-पिता के लिए 2900 रेटिंग का आंकड़ा छूना चाहते है । इस छोटी सी उम्र में भी अपने भारत देश से उन्हे बेहद लगाव है और तिरंगे की मौजूदगी उन्हे अच्छा खेलने के लिए प्रेरित करती है और ये बात इशारा करती है की भारत को आने वाले समय के लिए एक चमकता सितारा मिल चुका है ताल और फिशर के खेल से बेहद प्रभावित आर्यन विश्व शतरंज में अपनी गहरी छाप छोड़ना चाहते है और इसके लिए जो बाते आवश्यक है वो उनमे मौजूद भी है । पढे और देखे उनका पूरा इंटरव्यू ..